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एक दिन की सैलरी 4.8 करोड़ रु.

टोक्यो। निकेश अरोड़ा। जापान की टेलीकॉम कंपनी सॉफ्टबैंक के नए प्रेसिडेंट। पिछले साल उनकी रोज की तनख्वाह 4.8 करोड़ रुपए थी। दरअसल, सॉफ्टबैंक ने उन्हें पिछले साल 864 करोड़ रुपए का पैकेज दिया। इसमें साइनिंग बोनस भी शामिल है।
निकेश ने अक्टूबर में कंपनी ज्वाइन की थी। इस तरह मार्च तक छह महीने में उन्हें हर माह 144 करोड़ रुपए मिले। यानी रोजाना 4.8 करोड़ रुपए। इस तरह टिम कुक के बाद नीकेश दूसरे सबसे ज्यादा पैकेज पाने वाले एक्जीक्यूटिव बन गए हैं। अरोड़ा अभी तक कंपनी में वाइस प्रेसिडेंट पद पर थे। शुक्रवार को कंपनी के शेयरधारकों की बैठक में उन्हें पदोन्नत करने का फैसला किया गया। प्रेसिडेंट के साथ उन्हें चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (सीओओ) की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है। सॉफ्टबैंक के चेयरमैन और सीईओ मासायोशी सोन 47 साल के अरोड़ा को अपना संभावित उत्तराधिकारी बता चुके हैं। सोन ने अरोड़ा को उभरता सितारा बताया है।
निकेश इससे पहले करीब 10 साल तक गूगल में रहे। गूगल छोड़ते वक्त वह कंपनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट और चीफ बिजनेस ऑफिसर थे। आईआईटी-बीएचयू से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की डिग्री लेने के बाद निकेश ने बोस्टन कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। नॉर्थईस्टर्न यूनिवर्सिटी, बोस्टन से उन्होंने एमबीए किया है। निकेश टी-मोबाइल और भारती एयरटेल में भी काम कर चुके हैं।
सॉफ्टबैंक में एक साल से भी कम समय में अरोड़ा 10,700 करोड़ रुपए से ज्यादा की डील कर चुके हैं। इसमें भारतीय ई-कॉमर्स कंपनी स्नैपडील और ओला कैब्स में किया गया निवेश शामिल है।
– टिम कुक ने 2011 में एपल सीईओ का पद संभाला तब स्टॉक ऑप्शन समेत 2,420 करोड़ रु. का पैकेज मिला। यानी रोज के 6.6 करोड़ रु.। अब सालाना 58 करोड़ रु. मिल रहे हैं।
– याहू ने मारिसा मायर को जुलाई 2012 में सीईओ बनाया तो ऑप्शंस समेत 750 करोड़ रु. दिए। यानी रोज के 2.05 करोड़ रु.। पिछले साल उन्हें 270 करोड़ रु. मिले।

 

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