Breaking News
July 1, 2019 - डाक विभाग डिजिटल टेक्नालाजी के साथ कस्टमर-फ्रेंडली सेवाओं का  बढ़ा रहा दायरा – डाक निदेशक के के यादव
July 1, 2019 - बिहार के महादलितो को बंधुआगिरी से मिली मुक्ति, न्याय की आस में जंतर मंतर पर धरना
July 1, 2019 - अंतराष्ट्रीय मध्यम एवं लघु उद्योग दिवस के अवसर पर ‘राष्ट्रिय कवि सम्मलेन’- न्यूज़ इंक
July 1, 2019 - डाक टिकटों का शिक्षा प्रणाली को मजबूत करने में अहम योगदान-डाक निदेशक के के यादव
May 31, 2019 - भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण, क्षेत्रीय मुख्यालय (उत्तरी क्षेत्र) में विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया गया
May 31, 2019 - नरेंद्र मोदी ने किसको सौंपा कौन सा मंत्रालय ?
May 31, 2019 - राष्ट्रीय तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य व साउथ ईस्ट एशिया में अग्रणी रहने पर राजस्थान को  मिला अवार्ड
May 3, 2019 - इरकॉन ने मनाया 43वां वार्षिक दिवस
एकमा में एक और शिक्षक का अपहरण और फिर मृत्यु

एकमा में एक और शिक्षक का अपहरण और फिर मृत्यु

सारण (बिहार) : एकमा विधानसभा क्षेत्र में एक और अपहरण की घटना, दिलीप कुमार यादव जो असहनी गाँव के निवासी थे, अपहरण कर्ताओं ने पहले उन्हें अपहरण किया उसके बाद मार डाला और उनकी लाश को रोड के किनारे फेक दिया।

दिलीप कुमार यादव के घर वालों का कहना है कि शुक्रवार करीब 5 बजे शाम को, उनको कुछ लोंग अपहरण कर लिया और जब तक उनको खोजने की कोशिश की जाती, उनकी हत्या कर दी गयी। इस अपहरण की सुचना रसूलपुर थाना को दे दिया गया था , लेकिन समय रहते थाना प्रभारी ने कोई उचित कदम नही उठाया। सिर्फ घर वालों को आश्वासन दे देते रहे की हम जल्द से जल्द ढूढ निकालेंगे।

और अगली सुबह (शनिवार) करीब 11 बजे थाना प्रभारी मनोज प्रसाद, थाना रासुलपुर ने ख़बर दिया की दिलीप कुमार यादव की हत्या हो गयी है और लाश रोड के किनारे पड़ी मिली। इस घटना के पश्चात वंहा के मुखिया इशनाथ यादव को हिरासत में लिया गया है। और उनसे इस हत्या के बारे में पूछताछ जारी है। अभी तक कोई विशेष खुलाशा नही हो पाया है।

दिलीप कुमार यादव पेशे से शिक्षक थे। माना जाता है कि सात साल पहले (2009) एक हत्या के केस में वे एक अहम् गवाह थे, जिसकी सुनवाई शनिवार को होनी थी। और मुखिया इशनाथ यादव उस केस में मुख्य आरोपी है। इसलिए घर वालों का इस दिलीप कुमार यादव के हत्या के पीछे पूरा शक मुखिया पर है। गाँव वालों का भी कहना है की पुलिस प्रशासन अगर पूरा कोशिश किया होता तो उनकी हत्या नही होती।
लोगों में दहशत का माहौल है, उनका पुलिस प्रशासन के ऊपर अब भरोशा नही है। “जिसकी लाठी उसी की भैस” चरितार्थ हो रही है।

रिपोर्ट : नागेन्द्र कुमार , न्यूज़ इंक