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बाल विकास मंत्रालय की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए सम्मेलन का उद्घाटन किया

बाल विकास मंत्रालय की योजनाओं की प्रगति की समीक्षा के लिए सम्मेलन का उद्घाटन किया

केन्द्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती मेनका संजय गांधी ने महिला एवं बाल विकास के राज्य मंत्रियों और मुख्य सचिवों/सचिवों के एक दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन किया।

इस सम्मेलन का आयोजन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की विभिन्न योजनाओं के राज्यों/केन्द्र शासित प्रदेशों द्वारा किए गए क्रियान्वयन की समीक्षा करने के लिए किया गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के राज्य मंत्रियों और मुख्य सचिवों के अतिरिक्त विश्व बैंक, यूनिसेफ के प्रतिनिधियों ने भी इस समारोह में भाग लिया।

गोद लेने से संबंधित मुद्दों पर भागीदारों के साथ एक अंतः पारस्परिक सत्र के दौरान श्रीमती मेनका संजय गांधी ने कहा कि गोद लेने के मुद्दे पर राज्यों को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। उन्होंने बड़ी संख्या में विचाराधीन गृह अध्ययनों की ओर इशारा किया जिनकी संख्या वर्तमान में 3600 से भी अधिक है। उन्होंने राज्य अधिकारियों को उन्हें जल्द से जल्द पूर्ण करने का निर्देश दिया। श्रीमती मेनका गांधी ने राज्यों को प्रत्येक जिले में एक विशिष्ट दत्तक ग्रहण एजेंसी (एसएए) की स्थापना करने को भी कहा। वर्तमान में देश भर में 677 जिले हैं जबकि एसएए की संख्या केवल 278 है।

महिला एवं बाल विकास मंत्री ने कहा कि सभी शिशु देखभाल संस्थानों का पंजीकरण किया जाना चाहिए और 2016 के प्रारंभ तक गोद लिए जाने वाले सभी बच्चों की जानकारी केयरिंग्स की वेबसाइट पर उपलब्ध हो जानी चाहिए।

महिलाओं के मुद्दे पर एक अन्य पारस्परिक सत्र के दौरान उन्होंने राज्यों को जल्द से जल्द महिला सुरक्षा अधिकारियों की नियुक्ति करने तथा गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार पुलिस बल में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने को कहा।

श्रीमती मेनका गांधी ने महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा तैयार जेंडर बजटिंग पर एक लघु पुस्तिका का भी अनावरण किया।