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उपभोक्ता एवं मेडिकल नेग्लिजेंस से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ

उपभोक्ता एवं मेडिकल नेग्लिजेंस से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण जानकारियाँ

नई दिल्ली: डॉ बी सी गुप्ता, सदस्य-एन सी डी आर सी ने ” उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम एवं चिकित्सा लापरवाही” पर वक्तब्य देते हुए कुछ महत्वपूर्ण बातों पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया और बताया की कैसे न्यायालय में “बोलम टेस्ट” को लेकर लोगों की अवधारणा में परिवर्तन दिखाई दे रहा है, बोलिथो केस के उपरांत न्यायिक सोच में बदलाव दिखाई पड़ रहा है, अब बहुत सारे केस में प्रमुख जजों का निर्णय सिर्फ पुरानी पद्धति के अनुरुप न होकर बल्कि केस के तथ्यों को देख कर और रिस्क एवं बेनिफिट को एनालिसिस के पश्चात ही उचित निर्णय दिये जा रहें है, अर्थात धीरे धीरे इस बात पर सहमती बन रही है कि ” बोलिथो केस ईज ट्रू मीनिंग ऑफ़ बोलम टेस्ट “, उन्होने बताया की आनेवाले चार-पांच वर्षो में “चिकित्सा लापरवाही” को लेकर नई अवधारणा का विकास संभव होगा और न्यायिक प्रकिरिया में इसका प्रोयोग बहुतायत होने लगेगा,

डॉ बी सी गुप्ता जी अपने वक्तब्य में जिक्र किया की विश्व के बिभिन्न देशों में बोलिथो केस को ध्यान में रखकर बहुत सारे निर्णय दिये गए है,और भारत में भी इस पर सहमती बन रही है, और आनेवाले दिनों में उपभोक्ता के हित में उचित निर्णय दिये जायेंगे, और उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया की नुकशान की भरपाई का कौन सा फार्मूला उचित होना चाहिए, जिससे किसी के साथ अनुचित न हो .

—-रिपोर्ट  : पी एम सिंह , वरिष्ठ पत्रकार, नई दिल्ली