Breaking News
December 11, 2017 - मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से गरीब वर्ग की बेटियों के हाथों में लगे गी मेंहदी
December 5, 2017 - उ0प्र0 एवं उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्रियों ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के स्थापना समारोह को सम्बोधित किया
December 4, 2017 - राष्‍ट्रपति कल डॉ. भीमराव अम्‍बेडकर विश्‍वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे 
November 9, 2017 - एक सरप्राइज रिजल्ट की ओर बड़ता हुआ हिमाचल चुनाव
October 27, 2017 - डाक निदेशक श्री केके यादव और उनकी पत्नीआकांक्षा जी ‘शब्द निष्ठा सम्मान’ से सम्मानित हुए
September 30, 2017 - अब डाक टिकटों पर दिखेगी रामायण- डाक विभाग ने जारी किया 11 डाक टिकटों का सेट : श्री कृष्ण कुमार यादव
September 30, 2017 - 85वां वायु सेना दिवस के अवसर पर 8 अक्टूबर को वायु प्रदर्शन
September 30, 2017 - भारत अवैध वन्‍य जीवन व्‍यापार की समस्‍या पर ध्‍यान देने के लिए वैश्विक वन्‍य जीवन कार्यक्रम की मेजबानी करेगा: डा. हर्षवर्धन
आज शुरू करेंगे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

आज शुरू करेंगे प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना

अमृतसर : केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने यहां कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जमीनी स्तर पर कुशल मानव शक्ति के निर्माण के लिए बुधवार को ‘प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना’ शुरू करेंगे। इस योजना के तहत युवाओं को व्यवसायिक, तकनीकी एवं कौशल विकास शिक्षा उपलब्ध करायी जाएगी।

 

यहां के ग्लोबल इंस्टीट्यूट्स के दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करते हुए जेटली ने कहा कि राष्ट्रीय कौशल विकास अभियान के तहत शुरू किया जा रहा यह महत्वाकांक्षी कार्यक्रम अगले साल तक 24 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देगा और प्रशिक्षित उम्मीदवारों को प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह कार्यक्रम कुशल युवाओं के लिए मील का पत्थर साबित होगा क्योंकि पेशेवर प्रशिक्षण हासिल करने के बाद वे आत्म निर्भर बन सकते हैं। इसी बीच पंजाब भाजपा ने स्थानीय लोगों की समस्याओं की तरफ ध्यान आकर्षित करते हुए जेटली को आज एक ज्ञापन सौंपा। प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष राजिंदर मोहन सिंह छीना ने जेटली को ज्ञापन सौंपते हुए उन किसानों को मुआवजा देने की मांग की जिनकी कृषि योग्य भूमि पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा बाड़ क्षेत्र में हैं।

सिंह ने हालांकि कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के शासनकाल में मुआवजा दिया गया था लेकिन पूर्ववर्ती संप्रग सरकार ने इसे रोक दिया था। उन्होंने अमृतसर के लिए विशेष पैकेज की मांग करते हुए कहा कि शहर के बुनियादी ढांचे पर खास ध्यान दिया जाना चाहिए क्योंकि रोजाना औसतन एक लाख से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक यहां आते हैं।

 

Related Articles

Leave a reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *