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जयपुर की द्रव्यवती नदी हुई पुनर्जीवित

जयपुर की द्रव्यवती नदी हुई पुनर्जीवित

नई दिल्ली 03  अक्टूबर 2018 I आतिशी नजारों के बीच मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे ने मंगलवार शाम को जयपुर की लाइफ लाईन कही जाने वाली द्रव्यवती नदी का पुनरूद्धार कर जयपुर वासियों को समर्पित किया।

मुख्यमंत्री ने लोकार्पण कार्यक्रम में मौजूद जयपुर वासियों से कहा कि अब जयपुर के लोगों की जिम्मेदारी है कि द्रव्यवती नदी के इस पुनर्जीवित रूप को बरकरार रखते हुए इसे साफ-सुथरा और सुंदर रखेंगे ताकि बाहर से लोग आकर इसकी खूबसूरती को निहार सकें। उन्होंने कहा कि 47 किलोमीटर लम्बी इस द्रव्यवती परियोजना में वॉकिंग ट्रेक, साइकिल ट्रेक, सुंदर बगीचे, लैण्डस्केप पार्क, बॉटेनिकल गार्डन होंगे। यहां जयपुरवासी जोगिंग, साइक्लिंग, योगा, संगीत, ड्रॉइंग-पेन्टिंग जैसी सुविधाओं का आनंद ले सकेंगे।

उन्होंने जयपुरवासियों से कहा कि अब सभी अपने बच्चों, पोते-पोतियों, नातिन के साथ यहां आएं एवं इस रिवर फ्रंट का आनंद लें। श्रीमती राजे ने कहा कि द्रव्यवती नदी परियोजना वास्तव में जयपुर की जीवनदायिनी साबित होगी। उन्होंने कहा कि साफ-सुथरा जयपुर बनाने में जी-जान से जुट जाएं।

इस अवसर पर श्रीमती राजे ने सभी को बधाई दी और कहा कि आज बहुत बड़ा काम हुआ है। 2014 में देखा गया उनका सपना आज पूरा हो गया है। उन्होंने कहा कि मुझे जब यहां गंदे नाले से गुजरना पड़ता था तभी मैंने इसे फिर से जयपुर की जीवनदायिनी द्रव्यवती नदी के रूप में पुनर्जीवित करने का संकल्प लिया था। द्रव्यवती आज वापस आ गई है और यह हमारे लिए सबसे बड़ी खुशी की बात है। उन्होंने इस संकल्प को पूरा करने के लिए जयपुर विकास प्राधिकरण, जयपुर नगर निगम एवं टाटा प्रोजेक्ट्स लि. से जुड़े अधिकारियों को बधाई दी और उनका शुक्रिया अदा किया।

इससे पहले मुख्मयंत्री ने रिवर फ्रंट से द्रव्यवती नदी के सुंदर नजारे देखे। उन्होंने परियोजना स्थल पर बने एक्सपीरियंस सेन्टर में जाकर पूरी परियोजना के जुड़े मॉडल देखे और ऑडियो-विजुअल फिल्म के माध्यम से द्रव्यवती नदी की कहानी सुनी। जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त श्री वैभव गालरिया एवं टाटा प्रोजेक्ट्स लि. के एमडी श्री विनायक देशपांडे ने उन्हें पूरे प्रोजेक्ट के बारे में विस्तार से बताया। इसके बाद मुख्यमंत्री ने समारोह स्थल पर लगी प्रदर्शनियों, स्कूली बच्चों की ओर से प्रस्तुत नुक्कड़ नाटक, नृत्य एवं गीत प्रस्तुतियों तथा बैंड वादन का आनंद लिया। उन्होंने रिवर फ्रंट पर पौधारोपण भी किया तथा हवा में गुब्बारे उड़ाए।

कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री श्री श्रीचंद कृपलानी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री श्री अरूण चतुर्वेदी, सांसद श्री रामचरण बोहरा, विधायक श्री अशोक परनामी, श्री मोहन लाल गुप्ता, श्री सुरेन्द्र पारीक, संसदीय सचिव श्री कैलाश वर्मा, महापौर श्री अशोक लाहोटी, अतिरिक्त मुख्य सचिव यूडीएच श्री पी. के. गोयल एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम में जयपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त श्री वैभव गालरिया ने बताया कि जयपुर में ग्राम जैसलिया से प्रारम्भ होकर लगभग 47.50 किमी दूर ढूंढ नदी में जाकर मिलने वाली द्रव्यवती नदी की निर्मल धारा प्रदूषित नाले के रूप में परिवर्तित हो गई थी जिसका प्रदूषित जल, बदबूदार वातावरण गंदगी के ढेर ना केवल आस-पास की आबादी की परेशानी व बीमारियो के कारण बने हुए थे बल्कि यह शहर की खूबसूरती को भी प्रभावित कर रहे थे।

आयुक्त ने बताया किया द्रव्यवती नदी परियोजना क्षेत्र में वर्षभर नदी में 30 सेमी पानी बना रहे, इसके लिए प्रत्येक 300 मीटर पर चेक डेम बनाए गए हैं। नदी में सीकर रोड, देवरी, रीको क्षेत्र, बम्बाला एवं गोनेर क्षेत्र में 170 एमएलडी क्षमता के पॉच एसटीपी प्लॉट भी स्थापित किये गए हैं। नदी के 38 किमी में दोनों ओर साईकल ट्रेक का भी निर्माण करवाया गया। स्मार्ट साईकल ग्रीनराईड एप से बुक करा नागरिक साईकिलिंग का आनंद भी उठा सकेंगे।

उन्होंने बताया कि द्रव्यवती नदी परियोजना में पानीपेच सीकर रोड़ पर 3.68 हैक्टेयर, शिप्रापथ मानसरोवर पर 2.95 हैक्टेयर एवं बम्बाला पुलिया के पास 2.98 हैक्टेयर क्षेत्र में तीन वृहत उद्यान विकसित किए गए हैं।

परियोजना क्षेत्र में विकसित होने वाले तीनों ही उद्यान विशेष थीम पर आधारित हैं। जिसमें पानीपेच पर बर्ड पार्क, बम्बाला में बोटेनिकल पार्क तथा शिप्रापथ पार्क में सुंदर उद्यान विकसित किया गया है। बर्ड पार्क स्थित 100 वर्ष से अधिक पुराने वॉटर पम्प हाउस को म्यूजियम में परिवर्तन कर एक ओर कैफे का भी निर्माण किया है। इसके अलावा नदी पर लगभग 17 हजार पेड-पौंधे, सजावटी पौंधे एवं झाडियॉ लगाई गई हैं।

श्री गालरिया ने बताया कि द्रव्यवती नदी परियोजना के 30 किमी क्षेत्र चौंबीसों घण्टे सीसीटीवी की नजर में रहेगा। साथ ही वाई-फाई, आई-कियोस्क, स्मार्ट डस्टबिन, वेरिएबल मैसेज साईनेजज, नदी के शहरी क्षेत्र में पब्लिक अनाउनसमेंट सिस्टम लगाए गए हैं। साथ ही नदी क्षेत्र में फुटपाथ, सुविधा क्षेत्र, स्ट्रीट लाईट्स आदि सुविधाओं से युक्त रहेगा। साथ ही 45 स्थानो पर सार्वजनिक शौचालय भी बनाए गए हैं