Breaking News
March 31, 2018 - राजस्थान दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान
March 24, 2018 - प्रदेश में बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम को प्रभावी ढ़ंग से लागू करें
March 24, 2018 - युवा विकास प्रेरक समीक्षा एवं मार्गदर्शन आमजन तक पहुंचाएं गुड गवर्नेंस का लाभ – मुख्यमंत्री
March 24, 2018 - विश्व क्षय दिवस पर प्रधानमंत्री का संदेश
March 21, 2018 - मुख्य सचिव श्री निहाल चंद गोयल ने स्वागत उद्बोधन में ‘ई—गवर्नेंस एवं स्टार्टअप’ पर जोर दिया
March 21, 2018 - राजस्थान डिजी मेला में मुख्यमंत्री ने हैकाथन विजेता को शम्मानित किया
March 21, 2018 - सरकार ने चीनी निर्यात पर सीमा शुल्क को मौजूदा 20 % से घटाकर शून्य किया
March 21, 2018 - राष्ट्रपति कल भारतीय वायु सेना के 51 स्क्वाड्रन को मानक और 230 सिग्नल इकाई को कलर्स प्रदान करेंगे
देश में केवल राजस्थान में महिला आयोग के पास खुद का पुलिस बल 

देश में केवल राजस्थान में महिला आयोग के पास खुद का पुलिस बल 

जयपुर, 21 मार्च 2018: राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य श्रीमती सुषमा साहू ने प्रदेश में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और महिला सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने राजस्थान राज्य महिला आयोग द्वारा किये जा रहे कायोर्ं की भी सराहना की और कहा कि पूरे देश भर में केवल राजस्थान में महिला आयोग के पास खुद का पुलिस बल है, जो कि राज्य के लिए गौरव का विषय है।
श्रीमती साहू बुधवार को ओटीएस सभागार में राजस्थान राज्य महिला आयोग द्वारा आयोजित नारी सम्मान समारोह को संबोधित कर रही थीं। उन्होंने कहा कि सरकार योजनाएं बना कर नारी को संबल प्रदान कर सकती है, लेकिन यदि महिलाओं को सच में सशक्त बनाना है तो समाज की सोच को बदलना होगा। उन्होंने कहा कि जब समाज के लोग बेटियों और महिलाओं के प्रति अपनी जिम्मेदारी समझेंगे तभी उनके अधिकारों की सुरक्षा होगी और वो पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्र में बराबरी से खड़ी होंगी।
DSC_7564
इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की ओर से विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन करने वाली एवं महिला शिक्षा तथा सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रदेश की 24 महिलाओं को सम्मानित किया गया। प्रदेश भर से चयनित इन महिलाओं ने खेल, महिला शिक्षा एवं सशक्तिकरण, जेल में बंद महिलाओं को सशक्त बनाना, महिला सुरक्षा, खेती, व्यवसाय, महिला रोजगार जैसे क्षेत्रों में प्रशंसनीय कार्य किया है।
राजस्थान राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती सुमन शर्मा ने सम्मान समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि इन महिलाओं ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार न मानते हुए न केवल अपने व्यक्तित्व और जीवन को उंचाइयों तक पहुंचाया है, बल्कि अपने आस पास की महिलाओं को भी दिशा दिखाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि ये सभी नारी सशक्तिकरण की मिसाल हैं, और इनसे हम सभी को प्रेरणा लेनी चाहिये।
श्रीमती शर्मा ने बताया कि महिला आयोग में लम्बित मामलों को निबटाकर त्वरित न्याय दिलाना उनकी पहली प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा लम्बित मामलों की संख्या जो 32 हजार थी अब वह घटकर लगभग 5 हजार रह गई है और उनका प्रयास है कि जल्द ही यह शून्य पर आ जाए। उन्होंने बताया कि गांव देहात तक की महिलाओं की भी आयोग की पहुंच हो इसलिए जिला स्तर पर महिला जिला मंच एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सरपंच की अध्यक्षता में महिला पंचायतों का गठन किया गया है।
  इस अवसर पर राज्य महिला आयोग की वार्षिक पत्रिका वसुधा का भी विमोचन किया गया। समारोह में राज्य महिला आयोग की सदस्य, सदस्य सचिव एवं अन्य अधिकारीगण, विभिन्न स्कूल कॉलेजों की छात्राएं एवं अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।