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उ0प्र0 एवं उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्रियों ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के स्थापना समारोह को सम्बोधित किया

उ0प्र0 एवं उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्रियों ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के स्थापना समारोह को सम्बोधित किया

लखनऊ | अखिल राय, स्टेट ब्यूरो

दिसम्बर 5, 2017 : उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा है कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए आधुनिक शिक्षा एवं तकनीकी ज्ञान आवश्यक है परन्तु इसके साथ ही अनुशासन भी बेहद जरूरी है। बिना अनुशासन के जीवन एवं समाज दोनों खतरे में पड़ जाते है। उन्होंने शिक्षा की गुणवक्ता के साथ-साथ राष्ट्रीयता की भावना को भी सुदृढ़ किये जाने पर बल दिया है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी  गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के 85वें स्थापना समारोह के उद्घाटन अवसर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद की स्थापना वर्ष 1932 में ब्रहमलीन पूज्य महन्त दिग्विजयनाथ ने की थी। उस समय देश आजाद नहीं था, शिक्षा की बेहद दुर्दशा थी। उनका मानना था कि शिक्षा ही वह हथियार है, जिससे आने वाली चुनौतियों का सामना किया जा सकता है।

योगी जी ने कहा कि वर्तमान समय में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के अन्तर्गत 45 शिक्षण संस्थाएं संचालित है जो हर प्रकार की कला, वाणिज्य, विज्ञान, तकनीक, मेडिकल के क्षेत्र में शिक्षा प्रदान कर रही है। वस्तुतः समाज एवं राष्ट्र की समस्याओं से इन शिक्षण संस्थाओं को जोड़ना होगा तथा हल निकालना होगा। पूर्वी उत्तर प्रदेश में विषाणुजनित रोगों एवं इंसेफेलाइटिस से मौतंे होती हैं। इसका सामना स्वच्छता अभियान संचालित कर किया जा सकता है। सभी शिक्षण संस्थाएं स्वच्छता अभियान को जनान्दोलन का रूप दें।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कार्यालयों एवं शिक्षण संस्थाओं में अवकाशों में कटौती की गयी है। उद्देश्य यह है कि बच्चों को उस दिन महापुरुषों, पर्वों एवं त्यौहारों के बारे में जानकारी दी जाये। भारत माता ने समय-समय पर कई महापुरुषों एवं ऋषि-मुनियों को जन्म दिया है, जिन्होंने अपने व्यक्तित्व एवं कृतित्व से समाज को नई दिशा दी। इनके बारे में छात्र छात्राओं को बताया जाये ताकि वे इनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सकें।

योगी जी ने कहा कि मंदिर और तीर्थ स्थल राष्ट्र की एकात्मकता के प्रतीक है। यहां आकर व्यक्ति उर्जावान होता है और सत्कर्मों के प्रति प्रेरित होता है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रधर्म के प्रति प्रत्येक नागरिक अपना योगदान दे, तो किसी प्रकार की समस्या न रह जाये।

समारोह के मुख्य अतिथि उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने इस अवसर पर शोभा यात्रा को झण्डी दिखाकर रवाना किया तथा परेड की सलामी ली। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद द्वारा राष्ट्र की संचेतना को जगाने वाली नई पीढ़ी को तैयार किया जा रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानन्द को याद करते हुए कहा कि भारत माता की आराधना से राष्ट्र-प्रेम को जागृत करना होगा। उन्होंने कहा कि मानव समाज की सर्वोच्च प्राथमिकता शिक्षा है। तकनीकी ज्ञान एवं संचार क्रांति से पूरी दुनिया एक छोटे से गांव में बदल गयी है। शिक्षा के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को हुनरमन्द होना होगा। पारम्परिक शिक्षा से तकनीक को जोड़ना होगा।

श्री रावत ने कहा कि योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश गुण्डा राज एवं भ्रष्टाचार से मुक्त हो रहा है। योगी जी को एक बड़ी चुनौती मिली थी और वे इसका सामना पूरी कर्मठता से कर रहे हैं। शासन-प्रशासन की कमियां दूर हो रही हैं। उन्होंने सराहना की कि योगी आदित्यनाथ जी पूरी निष्पक्षता से कार्य कर रहे हैं और यही कारण है कि जनता को सुविधा के साथ-साथ न्याय भी मिल रहा है। प्रदेश की सरकार द्वारा सज्जन व्यक्तियों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने प्रदेश वासियों को उत्तराखण्ड आने तथा भ्रमण करने का आमंत्रण भी दिया।

इस अवसर पर महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद द्वारा संचालित गोरखपुर एवं महराजगंज जिले की 45 शिक्षण संस्थाओं के लगभग 5000 छात्र छात्राओं की शोभा यात्रा को रवाना किया गया। एन0सी0सी0, रेडक्राॅस एवं अन्य की परेड हुई। मुख्यमंत्री जी ने उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री श्री रावत को शाॅल ओढ़ाया और स्मृति चिन्ह तथा ब्रहमलीन राष्ट्रसंत दिग्विजयनाथ जी पर लिखित पुस्तक भेंट की।
इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना, कुलगीत प्रस्तुत किया। कार्यक्रम में विभिन्न जनप्रतिनिधिगण, शासन व प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के प्रधानाचार्य तथा छात्र-छात्राएं मौजूद थे।