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एक सहभागी, जीवंत और समावेशी लोकतंत्र बनाने की दिशा में साक्षरता अवश्यक कदम है- उपराष्ट्रपति

एक सहभागी, जीवंत और समावेशी लोकतंत्र बनाने की दिशा में साक्षरता अवश्यक कदम है- उपराष्ट्रपति

नई दिल्ली 8 सितम्बर 2017:  उपराष्ट्रूपति आज अंतरराष्ट्रीेय साक्षरता दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को सम्बोदधित कर रहे थे। इस अवसर पर केन्द्री य मानव संसाधन मंत्री श्री प्रकाश जावड़ेकर, मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री श्री उपेन्द्रम कुशवाहा, मानव संसाधन विकास तथा जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण राज्य मंत्री डॉक्टमर सत्यवपाल सिंह, स्कूसल शिक्षा व साक्षरता विभाग के सचिव श्री अनिल स्व्रूप और अन्य गणमान्य् व्यपक्ति उपस्थित थे।

उपराष्ट्रेपति ने कहा कि किसी भी देश के विकास में साक्षरता का महत्व पूर्ण योगदान होता है। साक्षर व्यकक्ति, संविधान में प्रदत्तक अधिकारों का उपयोग करता है और राजनीतिक, आर्थिक व सामाजिक लाभों को प्राप्तक करने में सक्षम होता है। उन्होंअने सार्वभौमिक साक्षरता प्राप्तव करने के लिए सुझाव दिए। जैसे – प्राथमिक व स्कूहली शिक्षा में सुधार तथा उन लोगों को सीखने का अवसर प्रदान करना, जो कभी स्कूेल गये ही नहीं या किन्हींअ कारणों से उन्हें स्कूोल छोड़ना पड़ा। नये साक्षर होने वालों में अधिकांश महिलाएं हैं। साक्षर भारत ही सक्षम भारत बनेगा। उन्होंेने शिक्षा में तकनीक के प्रयोग की आवश्य।कता पर बल दिया।