Breaking News
September 30, 2017 - अब डाक टिकटों पर दिखेगी रामायण- डाक विभाग ने जारी किया 11 डाक टिकटों का सेट : श्री कृष्ण कुमार यादव
September 30, 2017 - 85वां वायु सेना दिवस के अवसर पर 8 अक्टूबर को वायु प्रदर्शन
September 30, 2017 - भारत अवैध वन्‍य जीवन व्‍यापार की समस्‍या पर ध्‍यान देने के लिए वैश्विक वन्‍य जीवन कार्यक्रम की मेजबानी करेगा: डा. हर्षवर्धन
September 30, 2017 - राष्‍ट्रपति ने दशहरे के शुभ अवसर पर देश वासियों को बधाई दी
September 30, 2017 - मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने शारदीय नवरात्रि एवं विजयदशमी (दशहरा) पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई दी
September 8, 2017 - एक सहभागी, जीवंत और समावेशी लोकतंत्र बनाने की दिशा में साक्षरता अवश्यक कदम है- उपराष्ट्रपति
September 8, 2017 - जोधपुर जिले का कांकेलाव  गाँव बना “सम्पूर्ण सुकन्या समृद्धि योजना ग्राम”
July 10, 2017 - श्री नरेन्द्र मोदी राज्यों के मुख्य सचिवो को शम्बोधित किया
फरियादियों के प्रार्थना पत्रों पर शीघ्रता से कार्रवाई करने के निर्देश

फरियादियों के प्रार्थना पत्रों पर शीघ्रता से कार्रवाई करने के निर्देश

लखनऊ: 07  अप्रैल, 2017 :उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिदिन की भांति आज भी अपने सरकारी आवास पर बड़ी संख्या मंे आए लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को फरियादियों के प्रार्थना पत्रों पर शीघ्रता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के प्रति संवेदनशील बनें तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तत्परता से काम करें।
UP CM
इस मौके पर लखनऊ के गोमतीनगर से आयीं सुश्री रचना पाण्डेय ने मुख्यमंत्री को मकान से कब्जा हटवाने का प्रार्थना पत्र दिया। गाजियाबाद से आयीं सुश्री शौर्य सिरोही ने मुख्यमंत्री से शिक्षिका के रूप में चयन के बाद नियुक्ति पत्र निर्गत न किए जाने की शिकायत करते हुए नियुक्ति पत्र जारी किए जाने का अनुरोध किया। लखनऊ से आए संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने श्री योगी से उन्हें नियमित किए जाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से सम्बन्धित आवेदन पत्र मुख्यमंत्री को स्वयं दिए। आज के कार्यक्रम में प्राप्त प्रार्थना पत्रों में लोगों ने आर्थिक सहायता, विद्युत आपूर्ति, आवास आवंटन, पेयजल, अवैध कब्जे, पेंशन, राजस्व, भू-अभिलेखों में अनियमितता, शादी अनुदान, फर्जी मुकदमे, नौकरी, इलाज आदि से सम्बन्धित समस्याओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणों को ध्यानपूर्वक सुना और इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।