Breaking News
December 14, 2017 - प्रदेश में कल से राष्ट्रपति का दो दिवसीय दौरा
December 13, 2017 - प्रधानमंत्री कल नौसेना पनडुब्‍बी आईएनएस कलवारी को देश को समर्पित करेंगे 
December 13, 2017 - राजभवन में आयोजित कार्यक्रम में कुम्भ लोगो व ओ0एस0टी0एस0 पोर्टल लाॅन्च किया गया
December 11, 2017 - मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना से गरीब वर्ग की बेटियों के हाथों में लगे गी मेंहदी
December 5, 2017 - उ0प्र0 एवं उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्रियों ने गोरखपुर में महाराणा प्रताप शिक्षा परिषद के स्थापना समारोह को सम्बोधित किया
December 4, 2017 - राष्‍ट्रपति कल डॉ. भीमराव अम्‍बेडकर विश्‍वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे 
November 9, 2017 - एक सरप्राइज रिजल्ट की ओर बड़ता हुआ हिमाचल चुनाव
October 27, 2017 - डाक निदेशक श्री केके यादव और उनकी पत्नीआकांक्षा जी ‘शब्द निष्ठा सम्मान’ से सम्मानित हुए
फरियादियों के प्रार्थना पत्रों पर शीघ्रता से कार्रवाई करने के निर्देश

फरियादियों के प्रार्थना पत्रों पर शीघ्रता से कार्रवाई करने के निर्देश

लखनऊ: 07  अप्रैल, 2017 :उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने प्रतिदिन की भांति आज भी अपने सरकारी आवास पर बड़ी संख्या मंे आए लोगों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिकारियों को फरियादियों के प्रार्थना पत्रों पर शीघ्रता से कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधिकारी जनता के प्रति संवेदनशील बनें तथा उनकी समस्याओं के समाधान के लिए तत्परता से काम करें।
UP CM
इस मौके पर लखनऊ के गोमतीनगर से आयीं सुश्री रचना पाण्डेय ने मुख्यमंत्री को मकान से कब्जा हटवाने का प्रार्थना पत्र दिया। गाजियाबाद से आयीं सुश्री शौर्य सिरोही ने मुख्यमंत्री से शिक्षिका के रूप में चयन के बाद नियुक्ति पत्र निर्गत न किए जाने की शिकायत करते हुए नियुक्ति पत्र जारी किए जाने का अनुरोध किया। लखनऊ से आए संविदा स्वास्थ्य कर्मियों के एक प्रतिनिधिमण्डल ने श्री योगी से उन्हें नियमित किए जाने की मांग की। मुख्यमंत्री ने सभी मामलों में त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ज्ञातव्य है कि प्रदेश के दूर-दराज क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं से सम्बन्धित आवेदन पत्र मुख्यमंत्री को स्वयं दिए। आज के कार्यक्रम में प्राप्त प्रार्थना पत्रों में लोगों ने आर्थिक सहायता, विद्युत आपूर्ति, आवास आवंटन, पेयजल, अवैध कब्जे, पेंशन, राजस्व, भू-अभिलेखों में अनियमितता, शादी अनुदान, फर्जी मुकदमे, नौकरी, इलाज आदि से सम्बन्धित समस्याओं का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रकरणों को ध्यानपूर्वक सुना और इस सम्बन्ध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।