Breaking News
October 13, 2020 - बच्चों में डाक टिकट संग्रह की अभिरुचि ज्ञानवर्धन के लिए जरूरी : पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव
October 13, 2020 - 113 एकमा विधानसभा के आरजेडी नेता श्रीकांत यादव के साथ दो मिलन समारोह
May 11, 2020 - श्री जामदार राय, समाजसेवी ने पी एम् केयर्स फण्ड में किया 11 लाख का योगदान
March 20, 2020 - कोरोना से बचाव के लिए डाकघरों में हुए विशेष प्रबंध
March 20, 2020 - कमलनाथ ने दिया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा
March 20, 2020 - चंद्रप्रकाश राज अध्यक्ष व पंकज श्रीवास्तव महासचिव बने
March 18, 2020 - प्रत्येक ट्रिप के पूर्व बसों को सैनिटाइजर करें-जिलाधिकारी
February 28, 2020 - केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री को लिखा पत्र- जल शक्ति मिशन में राजस्थान के लिए 90 प्रतिशत अंशदान – मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत
भारत के राष्ट्रपति ने “विश्व पर्यावरण सम्मेलन” का उद्घाटन किया

भारत के राष्ट्रपति ने “विश्व पर्यावरण सम्मेलन” का उद्घाटन किया

 
नई दिल्ली : राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने आज नई दिल्ली में राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण द्वारा आयोजित विश्व पर्यावरण सम्मेलन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर राष्ट्रपति ने इस तथ्य का स्वागत किया कि पर्यावरण संरक्षण अब समावेशी और साझा कार्यक्रम बन गया है। लोगों में सामान्य जागरूकता बढ़ने और विश्वभर की सरकारों की सुदृढ़ राजनीतिक इच्छा शक्ति के चलते पिछले वर्षों में यह परिवर्तन संभव हुआ है। उन्होंने महात्मा गांधी के उस कथन का हवाला दिया, जिसमें कहा गया था कि ‘‘पृथ्वी प्रत्येक व्यक्ति की जरूरतें पूरी करने के लिए पर्याप्त देती है, लेकिन हर व्यक्ति का लालच पूरा नहीं कर सकती।’’ राष्ट्रपति ने कहा कि हाल के अध्ययनों और सिलसिलेवार समीक्षाओं से पता चलता है कि स्वस्थ जीवन के वर्षों के संदर्भ में दूषित पर्यावरण का वैश्विक बोझ करीब 24 प्रतिशत है और कुल मौतों में दूषित पर्यावरण का योगदान 23 प्रतिशत है। दूषित पर्यावरण से होने वाली बीमारियों का सबसे बुरा प्रभाव बच्चों पर पड़ता है, जिनकी मृत्यु पेचिस, मलेरिया और सांस से होने वाली बीमारियों के कारण होती है। ये सभी रोग पर्यावरण विषयक हैं। अंधाधुंध उद्योगीकरण से उत्पन्न कार्सेनेजन्स के कारण विश्वभर में कैंसर से 19 प्रतिशत मौतें होती हैं। राष्ट्रपति ने कहा कि अब समय आ गया है कि हमें अपने से यह सवाल करना चाहिए कि हम पर्यावरण से होने वाली कितनी क्षति सहन कर सकते हैं।राष्ट्रपति ने राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण को इस बात के लिए बधाई दी कि भारत के इस प्रमुख पर्यावरण नियंत्रक संगठन ने वैश्विक दृष्टि से महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मुद्दों पर विचार विमर्श के लिए एक व्यापक मंच प्रदान किया।

राष्ट्रपति ने पर्यावरणविद् वेंडेल बैरी का कथन उद्धृत किया जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘धरती हम सब की साझा संपत्ति है। वैश्विक विकास इस ग्रह के जिम्मेदारीपूर्ण प्रबंधन के अधीन है’’। उन्होंने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि पिछले एक दशक में पर्यावरण के मुद्दों पर विश्वभर में आम सहमति बनी है। उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र के जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन के तत्वावधान में हुआ पेरिस समझौता इसी आम सहमति का परिणाम है।