Breaking News
June 18, 2018 - नीति आयोग की बैठक में CM योगी बोले हमारी सरकार “सबका साथ, सबका विकास” के सिद्धांत पर काम कर रही है
June 18, 2018 - उपराष्ट्रपति आज श्री अटल विहारी बाजपाई से मिलने AIIMS पहुचे
March 31, 2018 - राजस्थान दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान
March 24, 2018 - प्रदेश में बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम को प्रभावी ढ़ंग से लागू करें
March 24, 2018 - युवा विकास प्रेरक समीक्षा एवं मार्गदर्शन आमजन तक पहुंचाएं गुड गवर्नेंस का लाभ – मुख्यमंत्री
March 24, 2018 - विश्व क्षय दिवस पर प्रधानमंत्री का संदेश
March 21, 2018 - मुख्य सचिव श्री निहाल चंद गोयल ने स्वागत उद्बोधन में ‘ई—गवर्नेंस एवं स्टार्टअप’ पर जोर दिया
March 21, 2018 - राजस्थान डिजी मेला में मुख्यमंत्री ने हैकाथन विजेता को शम्मानित किया
पटना में गंगा में सीवेज प्रदूषण को रोकने के लिए 1050 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी

पटना में गंगा में सीवेज प्रदूषण को रोकने के लिए 1050 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी

 
पटना में गंगा को स्‍वच्‍छ रखने के प्रयास के तहत शहर में सक्षम सीवेज ट्रीटमेंट ढांचा तैयार करने के लिए नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत 1050 करोड़ रुपए की परियोजनाओं को मंजूरी का बड़ा फैसला लिया गया है। यह राशि दो सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) बनाने, मौजूदा एसटीपी के नवीनीकरण, दो पंपिंग स्टेशनों के निर्माण और लगभग 400 किलोमीटर तक का नया भूमिगत सीवेज नेटवर्क बिछाने पर खर्च की जाएगी।

शहर के सैदपुर क्षेत्र में ज़ोन में 60 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी बनाने और 227 किलोमीटर के नए भूमिगत सीवेज नेटवर्क बिछाने के लिए कुल 600 करोड़ रुपए लागत का ठेका यूईएम इंडिया प्रा. लि. और ज्‍योति बिल्‍डटेक प्रा. लि. को दिया गया है। तीन अन्‍य फर्मों – लार्सन एंड टर्बो लि., वोल्‍टास लि. और जीएए जर्मनी जेवी – को शहर के बेऊर क्षेत्र में 23 एमएलडी वाले एसटीपी के निर्माण, 20 एमएलडी के मौजूदा एसटीपी के नवीनीकरण और लगभग 180 किलोमीटर का नया भूमिगत सीवेज नेटवर्क बिछाने की अलग-अलग परियोजनाओं के लिए 450 करोड़ रुपए आवंटित होंगे। इसके दायरे में सैदपुर और बेऊर क्षेत्र में क्रमश: 83 एमएलडी और 50 एमएलडी क्षमता वाले मुख्य पंपिंग स्टेशनों का निर्माण भी शामिल है। ठेकों में 10 साल की अवधि के लिए एसटीपी और सीवेज नेटवर्क के संचालन और रखरखाव की लागत भी शामिल है।

इन परियोजनाओं का उद्देश्‍य न सिर्फ पटना की मौजूदा सीवेज व्‍यवस्‍था को सुधारना है, बल्कि अगले एक दशक तक शहर में बढ़ती आबादी की संभावना को ध्‍यान में रखकर सीवेज ट्रीटमेंट का लक्ष्‍य भी शामिल है। विश्व बैंक के एक सर्वेक्षण के अनुसार पटना ढांचागत विकास के मामले में दुनिया में सबसे तेजी से आगे बढ़ते शहरों में से एक है। इन परियोजनाओं के समयबद्ध परिचालन के बाद इन क्षेत्रों से गंगा नदी में किसी भी प्रकार असंशोधित जल नहीं बहाया जाएगा और इससे गंगा के पवित्रजल को प्रदूषित होने से बचाने में मदद मिलेगी। राष्‍ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) निर्माण-कार्य की प्रगति की निगरानी करेगा।

100 वर्ग किलोमीटर से अधिक के क्षेत्र में फैले पटना शहर को छह सीवरेज क्षेत्रों – दीघा, बेऊर, सैदपुर, कंकड़बाग, पहाड़ी और करमाली चक में बांटा गया है। करमाली चक क्षेत्र में सीवेज संबंधित परियोजनाओं के लिए जल्‍दी ही अनुबंध किए जाने की उम्मीद है।