Breaking News
March 31, 2018 - राजस्थान दिवस पर विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली प्रतिभाओं का सम्मान
March 24, 2018 - प्रदेश में बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम को प्रभावी ढ़ंग से लागू करें
March 24, 2018 - युवा विकास प्रेरक समीक्षा एवं मार्गदर्शन आमजन तक पहुंचाएं गुड गवर्नेंस का लाभ – मुख्यमंत्री
March 24, 2018 - विश्व क्षय दिवस पर प्रधानमंत्री का संदेश
March 21, 2018 - मुख्य सचिव श्री निहाल चंद गोयल ने स्वागत उद्बोधन में ‘ई—गवर्नेंस एवं स्टार्टअप’ पर जोर दिया
March 21, 2018 - राजस्थान डिजी मेला में मुख्यमंत्री ने हैकाथन विजेता को शम्मानित किया
March 21, 2018 - सरकार ने चीनी निर्यात पर सीमा शुल्क को मौजूदा 20 % से घटाकर शून्य किया
March 21, 2018 - राष्ट्रपति कल भारतीय वायु सेना के 51 स्क्वाड्रन को मानक और 230 सिग्नल इकाई को कलर्स प्रदान करेंगे
36वां अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2016 में जयपुरी रजाईयॉं खूब पसंद की जा रही हैं

36वां अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला-2016 में जयपुरी रजाईयॉं खूब पसंद की जा रही हैं

नई दिल्ली, 18 नवम्बर, 2016। नई दिल्ली के प्रगति मैदान में चल रहे 36 वें अन्तर्राष्ट्रीय व्यापार मेला के राजस्थान मंडप में जयपुरी रजाईयों कोे आगन्तुकों द्वारा काफी पसंद किया जा रहा है और उनके हल्के वजन, कोमलता एवं गर्माहट की खासियत के लिये भरपूर सराहना की जा रही है। मंडप में राजस्थानी रजाईयों की व्यापाक एवं भरपूर रेंज उपलब्ध हैं।
राजस्थान मंडप में जयपुरी रजाईयों के स्टॉल संचालक श्री अब्दुल ताहिर ने बताया कि जयपुरी रजाईयां बनाना बुनकरों का वंशानुगत व्यवसाय है और इसे वे पिछली कई पीढ़ीयों से करते आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि जयपुर के जुलाहा सर्दी के मौसम में घरेलू उपयोग में आने वाले सभी प्रकार के उत्पादों को बनाते हैं, लेकिन रजाई बनाने में उन्हें विशेष योग्यता प्राप्त है। सर्दियों में दैनिक उपयोग के लिये रजाई की उच्च गुणवत्ता का उत्पादन उनकी विशेष पहचान है।
श्री ताहिर ने बताया कि रजाईयों को बनाने के लिए बेहतरीन सामग्री का उपयोग किया जाता है, वजन में हल्की होने के बावजूद ये बहुत ही गर्म और आरामदायक होती है। इनको बनाने में उच्च श्रेणी की शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कपास का प्रयोग किया जाता है। साथ ही आधुनिक फैशनेबल एवं राजस्थानी डिजाइनों में इन्हें बनाया जा रहा है जिसे ग्राहकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है। उन्होंने बताया कि ग्राहकों के लिये अलग-अलग आकृति और आकार में रजाईयां उपलब्घ हैं।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा फाईवर और बनारसी जरी बॉर्डर पर सुंदर पुष्प डिजाईन और गहरे रंगों की रजाईयां भी बनाई जाती हैं। मंडप में जयपुरी सिल्क के बहुत ही गुणवत्ता के कॅवर भी उपलब्ध है जो कि दर्शकों को काफी पसंद आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष स्टॉल पर रजाईयां 3500 से 6000 तक की रेंज में उपलब्ध है श्री ताहिर ने बताया कि राजस्थान की शुद्ध कपास से पारंपरिक सांगानेरी हैंड ब्लॉक प्रिंट में विश्व प्रसिद्ध जयपुरी डबल बेड की रजाईयां भी बनाई जा रही हैं जो कि दर्शकों द्वारा काफी पसंद की जाती हैं। जयपुरी रजाई अपने कम वजन, कोमलता और गर्मी के लिये विशेषरूप से जानी जाती हैं।
श्री ताहिर ने बताया कि जयपुरी रजाई बनाने की इस विशेष कला के लिये जयपुर के कई बुनकरों को राष्ट्रीय पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि राजस्थली का हमेशा प्रयास रहा है कि ग्राहकों को उत्पादनों से अधिकतम संतुष्टि प्राप्त हो। हमें अपने ग्राहकों को अधिकतमक संतुष्टि और उनकी सभी जरूरतों को पूरा करने में बहुत ही खुशी मिलती है।