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जी.एस.टी. लागू होने पर राजस्थान के दो लाख से अधिक व्यापारी होंगे लाभांवित

जी.एस.टी. लागू होने पर राजस्थान के दो लाख से अधिक व्यापारी होंगे लाभांवित

नई दिल्ली, 23 सितम्बर, 2016। राजस्थान के नगरीय विकास मंत्राी श्री राजपाल सिंह शेखावत ने कहा है कि वस्तु एवं सेवाकर (जी.एस.टी.) लागू होने से सभी वर्ग के लोगों को फायदा होगा। उन्होंने कहा कि जी.एस.टी. एक प्रगतिशील, एकीकृत एवं सरल कर प्रणाली हैं। जिसके तहत् उपभोक्ताओं को कर दोहरीकरण के परम्परागत बोझ से मुक्ति मिलेगी।
श्री शेखावत ने केन्द्रीय वित्त मंत्राी श्री अरूण जेटली की अध्यक्षता में नई दिल्ली में आयोजित जी.एस.टी. कोंसिल की दो दिवसीय प्रथम बैठक में भाग लेने के बाद यह जानकारी दी। श्री शेखावत ने बताया कि कॉसिल की प्रथम बैठक में जी.एस.टी. की अवधारणा से अब तक की प्रगति पर सार्थक एवं उपयोगी चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि जी.एस.टी. से निर्माता, उत्पादक, उपभोक्ता, व्यापारी, सेवा प्रदात्ता आदि सभी को लाभ मिलेगा तथा इससे न केवल देश की आर्थिक स्थिति को मजबूती मिलेगी वरन् कर चोरी के साथ ही काले धन की प्रवृत्ति पर भी अंकुश लगेगा।
श्री शेखावत ने बताया कि जी.एस.टी. लागू होने से राजस्थान के दो लाख से अधिक व्यापारियों (ट्रेडर्स) को लाभ होगा। उन्होंने बताया कि बैठक में बीस लाख रूपये से कम वार्षिक टर्न ऑवर वाले कारोबारियों को जी.एस.टी. के दायरे से मुक्त रखने का निर्णय लिया गया है, जबकि पहले के प्रस्तावित बिल में जी.एस.टी. से छूट की यह सीमा उत्पादक वर्ग के लिए 5 लाख रूपये, व्यापारियों के लिए 10 लाख और सेवा प्रदात्ताओं के लिए 10 लाख रूपये रखी गई थी।
बैठक में वित्त सचिव (राजस्व) श्री प्रवीण गुप्ता और अतिरिक्त वाणिज्यक कर आयुक्त श्री विनोद कुमार भी मौजूद थे। जी.एस.टी. पर कोंसिल की अगली बैठक 30 सितम्बर को प्रस्तावित की गई है।